विज्ञान के चमत्कार निबंध | Vigyan ke Chamatkar

विज्ञान के चमत्कार (Vigyan ke Chamatkar) पर निबंध हिन्दी में, मानव जीवन में विज्ञान का योगदान, लाभ हानि, महत्व, आदि सभी शीर्षकों पर आधारित निबंध, सभी परीक्षाओं के लिए उपयोगी एवं महत्वपूर्ण।

रूपरेखा –

  1. प्रस्तावना
  2. व्यापकता
  3. विभिनं आविष्कार एवं लाभ
  4. दैनिक जीवन में विज्ञान
  5. चिकित्सा के क्षेत्र में
  6. शिक्षा के क्षेत्र में
  7. हानि
  8. उपसंहार

विज्ञान के चमत्कार पर निबंध

प्रस्तावना – मनुष्य जीवन सर्वश्रेष्ठ है। विज्ञान मनुष्य के लिए एक वरदान है। मनुष्य जीवन को अधिक सरल, सहज एवं प्रवबावशाली बनाने में विज्ञान का अहम योगदान है। देश की दूरी नापने वाली रेलगाड़ी, व्योम से वक्षस्थल पर विहार करने वाला वायुयान,टेलीफोन, मोटरकार, रेडियो, टेलीविजन आदि विज्ञान के अनेक आविष्कार है।

व्यापकता – आज जीवन का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं, विश्व का ऐसा कोई कोना नहीं और तो और विचारों की कोई गति नहीं जहाँ विज्ञान न हो। यदि प्राचीन भक्त कवि भगवान के लिए ‘हरि व्यापक सर्वत्र समाना’ कहते थे तो आज हम विज्ञान के लिए अधिकारपूर्वक कह सकते है- जहाँ देखेँ वहाँ विज्ञान ही विज्ञान है।

विभिनं आविष्कार एवं लाभ– विज्ञानके द्वारा आज दुर् से दुर् का स्थान समीप से समीपतर है। रेल, मोटर, जलयान, वायुयान, हेलिकॉप्टर आदि साधनों द्वारा कोई भी स्थान दुर् नहीं रह गया है। आज वैज्ञानिक चंद्रलोक कइ यात्रा कर आया है तथा मंगल ग्रह पर जाने की तैयारी कर रहा है। विज्ञान हमें दुर् से दुर् स्थान तक अल्प समय तथा व्यय में पहुंचता है साथ ही हम घर बैठे हजारों मील दुर के द्रश्य, ध्वनि आदि को देख और सुन सकते है।

दैनिक जीवन में विज्ञान – हमारे दैनिक जीवन में विज्ञान ने अपूर्व सहायता की है। कपड़ा, सुई, कागज, पेंसिल, समाचार-पत्र, टेलीफोन, मोबाइल, टीवी आदि सभी जीवन में उपयोगी वस्तुएं विज्ञान ने दी है। अपने प्रियजनों के रूप, स्वर आदि को सुरक्षित रखने के लिए कैमरा, टेपरिकार्डर आदि का आविष्कार विज्ञान के द्वारा ही संभव हो पाया है। विज्ञान के आविष्कारों से कोई क्षेत्र अछूता नहीं रह गया है।

चिकित्सा के क्षेत्र में – चिकित्सा के क्षेत्र में अनेक उपकरण जैसे एक्स-रे, सिटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, इंजेक्शन आदि के द्वारा लगभग सभी रोग का निवारण संभव हो पाया है। अनुवीक्षण यंत्र तथा दूरदर्शन यंत्रों कइ सह्यता से मानव-ज्ञान कइ सूक्ष्मता बढ़ जाती है। ऐसी-ऐसी मशीनों का आविष्कार हो चुका है जो प्रकृति तथा मनुष्य के द्वारा अक लंबे समय में किए जाने वाला कार्य कुछ ही समय में कर देती है।

शिक्षा के क्षेत्र में – शिक्षा के क्षेत्र में विज्ञान ने बहुत सहायता प्रदान की है। भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, खगोल विज्ञान, वनस्पतिविज्ञान आदि विषयों का अच्छा ज्ञान वैज्ञानिक आविष्कारों की सहायता से सरलता से हो जाता है। चलचित्रों, रेडियो, टेलीविजन कइ सह्यता से विद्यार्थियों को मनोरंजक ढंग से सभी विषयों कइ शिक्षा दी जाती है। प्रेस के जीवन से पुस्तकों तथा समाचार-पत्रों की प्राप्ति सरल से सरलतम हो गई है।

हानि – उक्त विवरण से ज्ञात होता है कि विज्ञान के आविष्कार मानव के जीवन कइ गहराई में घुल-मिलकर उसके शरीर के अंगों के समान ही उसके अभिन्न अंग बन गए है। इसका तात्पर्य है कि विज्ञान ने मानव का कल्याण किया है या नहीं। जिस प्रकार चित्र का एक पार्श्व रंगीन होता है और मानव को लुभाता है तो दूसरा अनाकर्षक होता है। विज्ञान का भी आज यही हाल है।

आज विज्ञान ने अनेक मशीनों को जन्म दिया है। प्रत्येक छोटे-छोटे कार्य के लिए मशीने उपलब्द है। एक मशीन सेकड़ों मनुष्यों के बराबर कार्य करती है, जिससे बेरोजगारी/बेकारी की  एक नई समस्या उत्पन्न हो गई है। इन मशीनों ने ग्रामीण उद्योग-धंधों और कुटीर उद्योगों को समाप्त कर दिया है। मशीनों से बना समान देखने में अच्छा तथा मूल्य में सस्ता होता है। इसके विपरीत हाथ का समान मशीन से बने समान के सामने कैसे टिक सकता है।

जीवन में विलासिता और भौतिकता को प्रवेश कराने का सर्वाधिक उत्तरदायित्व विज्ञान पर ही है। उसने जीवन को आनंद देने वाली तथा विलासिता कइ वस्तुएं प्रदान की है की मनुष्य चाहते हुए भी उनसे नहीं बच पता है।

विज्ञान ने प्रत्यक्ष रूप से प्राणी जगत् को नष्ट करने के कुछ कम साधन उत्पन्न नहीं किए है। टैंक, डायनामाइट, रॉकेट, परमाणु बम, हाइड्रोजन बम, इलेक्ट्रॉन बम आदि ऐसे शस्त्र है जो पलक झपकते ही लाखों लोगों की जान ले सकते है। अस्त्र-शस्त्र वायुमंडल को इतना प्रदूषित कर देते है जिससे अनेक प्रकार के रोग उत्पन्न हो रहे है। इस प्रकार आज विज्ञान से मानव ही नहीं मानवता को भी खतरा उत्पन्न हो गया है।

उपसंहार – वैज्ञानिक आविष्कार मानव जनजाति तथा सम्पूर्ण पृथ्वी के लिए अभिशाप अधिक है वरदान कम। जब से वैज्ञानिक आविष्कारों ने मनुष्य को सुविधाएं दी है तब से उसकी भोग कइ भूख और अधिक तीव्र हो गई है। विश्व में शांति कइ समस्याएं अधिक पेचीदा होती जा रही है और उनका कोई समाधान नहीं दिखाई दे रहा है।       

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Vigyan ke Chamatkar
विज्ञान के चमत्कार

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